सीमांत गांव नीती गांव में सिंचित खेती के लिए जल की व्यवस्था नहीं हुई तो होगा पूर्ण पलायन।

सीमांत गांव नीती में सिंचित खेती बंजर,ग्रामीणों में आक्रोश।

 

नीती/जोशीमठःसीमांत गांव नीती में बार्डर रोड निमार्ण के कारण यहां की सिंचाई गूल टूट गई है। जिसके कारण इस बार यहां खेत बंजर पडे़ं हुऐ है। ग्रामीणों का कहना है कि उप जिलाधिकारी समेत जिम्मेदार अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद कई महीनों से बंद पडी गूल का पुर्ननिमार्ण नही ंहो पाया है।


नीती गांव के समाजसेवी ग्रामीण शेरसिंह राणा का कहना है कि, सीमांत गांव में विकट भूगोल के बावजूद यहां लोग देश की सीमाओं की निगरानी करते आ रहे है। हॉलकि सड़क भी आवश्यक है लेकिन सिचिंत खेती की गूल टूट जाने के बाद विभाग इसके निमार्ण में कोई रूचि नहीं दिखा रहा है। अगर इस बार भी यहां खेतों के लिए जल की व्यवस्था नहीं हो पाती है तो यहां के खेत पूरी तरह से बंजर हो जायेगे फिर हमें अपने गांव से पूरी तरह से पलायन करना पड़ेगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
गौरतलब है कि नीती गांव 200 साल पहले से बसा हुआ है। यहां पर मूल रूप से भोटिया जनजाति के लगभग 150 परिवार आज भी निवास करते है। यहां पर मुख्य रूप से राजमा,फाफर,सेब की खेती की जाती है। यहां के लोग 6 माह शीतकाल में चमोली जनपद के अलग अलग क्षेत्रों में निवास करते है।