यमुनोत्री धाम में पहली बार पहुंचे 6.68 लाख श्रद्धालु
उत्तरकाशी। मानसून और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड की चारधाम यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड बना रही है। यात्रा शुरू होने के 125 दिनों में चारधामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 48 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। वहीं, यमुनोत्री धाम में पहली बार 6 लाख 68 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।

चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ था। अगस्त के तीसरे सप्ताह तक कुल 48 लाख 4 हजार 897 श्रद्धालु चारधामों के दर्शन कर चुके हैं। जबकि वर्ष 2025 में इसी अवधि तक 42 लाख 82 हजार 263 श्रद्धालु पहुंचे थे। इस वर्ष पिछले साल की तुलना में करीब 5 लाख 22 हजार अधिक श्रद्धालुओं ने चारधामों में दर्शन किए हैं।
यमुनोत्री धाम में अब तक 6 लाख 68 हजार 163 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। यह पिछले वर्ष के 6 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड से अधिक है। पिछले दो दशकों के आंकड़ों के अनुसार यह यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की अब तक की सर्वाधिक संख्या है। वर्ष 2024 में 5 लाख 15 हजार और वर्ष 2023 में 5 लाख 60 हजार श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम में दर्शन किए थे।
गंगोत्री धाम में अब तक 7 लाख 47 हजार 671 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मानसून के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। प्रशासन की ओर से मौसम और यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि मानसून समाप्त होने के बाद भूस्खलन से प्रभावित मार्गों को तेजी से दुरुस्त किया जाएगा, जिससे यात्रा को और गति मिलने की उम्मीद है।
मानसून सीजन को देखते हुए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम की परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
चारधाम यात्रा के आंकड़ों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से साफ है कि कठिन मौसम और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था बनी हुई है। यमुनोत्री धाम में बना नया रिकॉर्ड उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
