श्रमिक सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी, व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश।
श्रमिक कार्ड व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने पर जोर, श्रम प्रवर्तन कार्यालय का निरीक्षण।
श्रमिक कार्ड निर्माण, पंजीकरण एवं नवीनीकरण में श्रमिकों को आ रही समस्याओं और निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि लिए जाने की शिकायतों को जिलाधिकारी गौरव कुमार ने गंभीरता से लिया है। शनिवार को उन्होंने गोपेश्वर स्थित पुराने पेट्रोल पंप के समीप संचालित श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, श्रम कार्ड निर्माण, पंजीकरण, नवीनीकरण, आवेदनों तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिक कार्ड बनाए जाने को लेकर विभिन्न माध्यमों से समस्याएं एवं शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इनमें सीमित संख्या में टोकन दिए जाने तथा निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि लिए जाने जैसी शिकायतें प्रमुख हैं। उन्होंने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के समय श्रम प्रवर्तन अधिकारी चाइल्ड रेस्क्यू अभियान में गए हुए थे। जिलाधिकारी ने उन्हें सभी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा के लिए शाम 6 बजे कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों, टोकन व्यवस्था, निर्धारित शुल्क, आवेदन प्रक्रिया तथा श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी और जहां आवश्यकता होगी, वहां तत्काल सुधार किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों की सुविधा के लिए आवश्यकता पड़ने पर कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से श्रमिक कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही जिन विकासखंडों में श्रमिक कार्ड बनाने का कार्य सौंपा गया है, वहां की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी विकासखंड में श्रमिक कार्ड बनाने का कार्य नहीं हो रहा है तो इसके कारणों की जांच कर तत्काल व्यवस्था शुरू कराई जाए, ताकि श्रमिकों को अपने विकासखंड स्तर पर ही आवश्यक सुविधा मिल सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी श्रमिक से निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि अथवा किसी अन्य नाम पर अतिरिक्त शुल्क लिए जाने की शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रमिकों को निर्धारित शुल्क, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और कार्ड बनने की प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट, सही एवं पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने श्रमिक सुविधा केन्द्र में कार्यरत कार्मिकों से श्रम कार्ड निर्माण, कार्ड नवीनीकरण, पंजीकरण तथा विभागीय योजनाओं के लिए प्राप्त आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदन में दस्तावेज अथवा अन्य किसी प्रकार की कमी है तो संबंधित श्रमिक को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए तथा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने में हरसंभव सहयोग किया जाए।
व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी ने मौके पर उपजिलाधिकारी चमोली से सामान्य श्रमिक के रूप में कार्यालय के बाहर चस्पा किए गए संपर्क नंबर पर फोन करवाकर श्रम कार्ड बनाने की प्रक्रिया एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। श्रमिक कार्ड निर्माण एवं संबंधित सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता अथवा मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और श्रमिक हितैषी बनाया जाए।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी राज कुमार पांडे सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
