शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो होगा जनआंदोलन: नारायणबगड़ के अभिभावकों की चेतावनी

If teachers are not appointed, there will be a people’s movement: Narayanbagarh’s parents warn

 

इंटर कॉलेज में शिक्षकों का संकट गहराया, अभिभावकों ने दी आंदोलन की चेतावनी

नारायणबगड़ (चमोली)।
चमोली जनपद के राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज, नारायणबगड़ में शिक्षकों के रिक्त पदों को लेकर अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। विद्यालय में गणित, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान और इतिहास के प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से खाली होने के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस संबंध में अध्यापक-अभिभावक संघ और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने उप शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्य शिक्षा अधिकारी तथा क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन सौंपते हुए अतिथि शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति की मांग की है।

अभिभावकों का कहना है कि नारायणबगड़ ब्लॉक के प्रमुख इंटर कॉलेज में चार महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में है। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा।

अध्यापक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष पूरन चंद्र सती ने बताया कि विद्यालय में चार विषयों के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। इस संबंध में बीईओ और विधायक को ज्ञापन दिया गया है तथा अतिथि शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि एक शिष्टमंडल जिला अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी से भी मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग करेगा।

एसएमसी अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि यह पूरे ब्लॉक का प्रमुख विद्यालय है, लेकिन यहां पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। विशेष रूप से गणित सहित चार विषयों के शिक्षकों की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

अभिभावक मृत्युंजय परिहार ने बताया कि 31 मार्च को गणित प्रवक्ता का पद रिक्त होने के बाद से स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि गणित, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान और इतिहास के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो अभिभावक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।