कर्णप्रयाग में भव्य कृष्ण जन्मोत्सव, रासलीला और दही हांडी ने बढ़ाया उत्साह

बारिश के बीच भी नहीं थमी कृष्ण लीला, राधा-कृष्ण की रासलीला ने जीता कर्णप्रयाग का दिल!

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर अपर बाजार स्थित रामलीला मंच में आयोजित भव्य कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। वृंदावन से पहुंची कलाकारों की टीम ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर उनके जीवन से जुड़ी विभिन्न पौराणिक घटनाओं का मनमोहक मंचन कर श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के दौरान देवकी और वासुदेव के विवाह से लेकर कंस द्वारा उन्हें कारागार में डालने, देवकी के सात पुत्रों की हत्या किए जाने और इसके बाद कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का दृश्य प्रस्तुत किया गया। श्रीकृष्ण के जन्म के दृश्य के दौरान पूरा रामलीला मंच जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। इसके बाद कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर मंचन किया गया। वहीं राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंग और कृष्ण, राधा एवं गोपियों के साथ भव्य रासलीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-बिरंगे परिधानों में कलाकारों की प्रस्तुति और पारंपरिक संगीत ने पूरे वातावरण को वृंदावन जैसा भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के बीच अचानक तेज बारिश ने भी आयोजकों और दर्शकों की परेशानी बढ़ा दी, जिसके चलते कुछ समय के लिए कार्यक्रम को रोकना पड़ा। बारिश थमने के बाद दोबारा कार्यक्रम शुरू हुआ और कलाकारों ने उत्साह के साथ अपनी प्रस्तुतियां जारी रखीं। इसके बाद कंस वध का रोमांचक दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। कार्यक्रम का सबसे खास और उत्साह से भरा पल उस समय आया, जब भगवान कृष्ण ने दही हांडी फोड़ी। दही हांडी के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कृष्ण के साथ रंगों की होली खेलकर उत्सव को और भी आनंदमय बना दिया। श्रद्धालुओं और दर्शकों ने पूरे कार्यक्रम का जमकर आनंद लिया और भक्ति के साथ इस सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बने। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के आयोजन हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ही नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं। अपर बाजार कर्णप्रयाग में आयोजित यह जन्माष्टमी महोत्सव देर तक लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा और कृष्ण भक्ति के रंग में रंगे माहौल के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।