विपणन के साथ प्रसंस्करण पर जोर, पैकिंग सुविधा से किसानों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद
चमोली जनपद में कीवी उत्पादन किसानों की आजीविका का बेहतर माध्यम बन रहा है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए उद्यान विभाग अब उत्पादन के साथ विपणन और प्रसंस्करण पर भी जोर दे रहा है। इसी कड़ी में जनपद से पहली खेप में 200 कुंतल कीवी दिल्ली की आजादपुर मंडी के लिए रवाना की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी और मुख्य उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह ने काश्तकारों को माला पहनाकर तथा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विभाग की इस पहल से स्थानीय किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने और अपनी उपज के बेहतर दाम हासिल करने की उम्मीद है।
चमोली जनपद में कीवी की खेती किसानों की आर्थिकी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ने के साथ अब किसानों की उपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत 200 कुंतल कीवी दिल्ली की आजादपुर मंडी भेजी गई है। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को पैकिंग सामग्री उपलब्ध कराने के साथ कीवी के प्रसंस्करण का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि फल को सुरक्षित बाजार तक पहुंचाने और उसका मूल्य बढ़ाने में मदद मिल सके।
काश्तकारों का कहना है कि पहले उचित पैकिंग सामग्री उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवहन के दौरान फल खराब होने और नुकसान की आशंका बनी रहती थी। अब बॉक्स में पैकिंग की सुविधा मिलने से कीवी को सुरक्षित बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।
भानु प्रकाश, काश्तकार
थराली विकासखंड के काश्तकार भानु प्रकाश ने कीवी उत्पादन को स्वरोजगार का माध्यम बनाया है। उनका कहना है कि सरकार और उद्यान विभाग से मिले सहयोग के बाद उन्होंने अपनी उत्पादित 80 कुंतल कीवी दिल्ली की आजादपुर मंडी भेजी है। इससे उन्हें अपनी उपज के विपणन के लिए बड़े बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिला है।
उद्यान विभाग के अनुसार, चमोली जनपद में करीब 250 काश्तकार 62 हेक्टेयर भूमि पर कीवी का उत्पादन कर रहे हैं। वर्ष 2025-26 में जनपद में लगभग 500 कुंतल कीवी का उत्पादन हुआ। किसानों को उपज की सुरक्षित पैकिंग और विपणन में सहयोग दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य उत्पादन से लेकर बाजार तक की व्यवस्था मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाना है।
कीवी के विपणन के साथ ही अब इसके प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है। किसानों को कीवी से विभिन्न उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे फल की बिक्री के अलावा मूल्यवर्धित उत्पादों के माध्यम से भी अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी के अनुसार, उत्पादन, पैकेजिंग, विपणन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर स्थानीय काश्तकारों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
चमोली की कीवी का दिल्ली की आजादपुर मंडी तक पहुंचना जिले के बागवानों के लिए महत्वपूर्ण पहल है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में कीवी उत्पादन को प्रोत्साहन मिलने और किसानों को व्यापक बाजार उपलब्ध होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
