शिक्षा के साथ कला का संगम, समर कैम्प में छात्राओं ने सीखे रोजगारपरक कौशल”

A confluence of art with education, the girls learnt employable skills in the summer camp.

राज्य सरकार द्वारा सभी सरकारी विद्यालयों में स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एक सप्ताहीय समर कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों में बच्चों को विभिन्न भाषाओं, लोकगीत, लोकनृत्य, संगीत एवं कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसी क्रम में चमोली जनपद के विकासखंड कर्णप्रयाग स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श बालिका इंटर कॉलेज गौचर में समर कैम्प के छठे दिन कला के विविध आयामों एवं उसे रोजगारपरक बनाने को लेकर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान मास्टर ट्रेनर आशीष नेगी ने छात्राओं को कला के माध्यम से स्वरोजगार एवं रचनात्मकता विकसित करने की जानकारी दी।
साथ ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में डीएलएड के लगभग 61 प्रशिक्षुओं को भी कला के विभिन्न आयामों एवं उससे रोजगार के अवसर पैदा करने संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली आकाश सारस्वत ने बताया कि जनपद के 200 से अधिक विद्यालयों में समर कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य शिक्षा के साथ कला को जोड़ते हुए बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
बाइट- आकाश सारस्वत, मुख्य शिक्षा अधिकारी
वहीं कला शिक्षक एवं कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर आशीष नेगी ने कहा कि कला समाज और शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा इससे बच्चों में रचनात्मक सोच विकसित होती है। कला में यह खुबी होती है कि वह बेकार की चीजों को बेहतर बनाती है। कला आपको बेहतर भविष्य की ओर ले जाती है।

समर कैम्प के सफल आयोजन में शिक्षिकाओं एवं मास्टर ट्रेनरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम की समन्वयक श्रद्धा रावत सहायक अध्यापिका संगीत ने बताया कि यदि बच्चों में सीखने की लगन हो तो कला, संगीत एवं अन्य विधाओं के माध्यम से वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से बच्चों को नई-नई चीजें सीखने का अवसर मिला है। बच्चो के साथ साथ अध्यापक अध्यापिकाओ को भी इस समर कैम्प में बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है।

कार्यक्रम को लेकर स्कूली छात्राओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। छात्राओं ने कहा कि समर कैम्प के माध्यम से उन्हें विभिन्न भाषाओं, लोकसंगीत, लोकगीत एवं कला के विविध आयामों को सीखने का अवसर मिला है। जिसे वह अपने जीवन में रोजगार के तौर पर भी अपना सकते है।
कार्यक्रम के दौरान सहायक अध्यापिका कला श्रद्धा रावत,सहायक अध्यापिका विज्ञान आशादीप मैठाणी,मास्टर ट्रेनर बीना रावत,लैब एसिस्टेन्ट अंजू बिष्ट,बरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी देवेन्द्र पंवार आदि लोग मौजूद रहे।