स्थायीकरण सहित अन्य मांगें पूरी नहीं होने पर चारधाम हकहकूकधारी महापंचायत ने आंदोलन में उतरने के दिए संकेत
देवप्रयाग। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन संचालित 45 मंदिरों में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा किया जाए, ताकि मंदिरों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके। यह मांग अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महामंचायत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं श्री चारधाम हकहकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्ण कांत कोटियाल ने उठाई है।
पत्रकारों से बातचीत में कृष्ण कांत कोटियाल ने कहा कि चारधाम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दावों का तब तक कोई औचित्य नहीं है, जब तक मंदिर समिति के अधीन वर्षों से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी बेहद कम वेतन पर विपरीत परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने और मंदिरों की अन्य व्यवस्थाओं को संचालित करने में इन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
उन्होंने मंदिर समिति प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे कर्मचारियों के हित में समय पर निर्णय नहीं लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्षों से सेवाएं दे रहे अस्थायी कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए मंदिर समिति अपने अधिकारों और स्वायत्तता का उपयोग क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े छोटे-बड़े मामलों को बार-बार शासन स्तर पर भेजकर लंबित रखना उचित नहीं है।
वन टाइम सेटलमेंट का लाभ नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
कोटियाल ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से समाधान की अपेक्षा की जा रही है। शासन स्तर से वन टाइम सेटलमेंट की घोषणा किए जाने के बावजूद अस्थायी कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर मंदिर समिति और शासन को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण सहित अन्य मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो श्री चारधाम हकहकूकधारी महापंचायत इस मामले में आगे आकर कर्मचारियों के हितों की लड़ाई लड़ेगी।
अस्थायी कर्मचारियों को हटाने पर भी जताई नाराजगी
वहीं, श्री चारधाम हकहकूकधारी महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी ने अस्थायी कर्मचारियों को हटाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि कृष्ण कांत कोटियाल करीब डेढ़ दशक तक श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रहे हैं। उनके कार्यकाल में कर्मचारियों की मांगों को सक्षम स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाता रहा। ऐसे में उन्होंने एक बार फिर मंदिर समिति प्रबंधन से अस्थायी कर्मचारियों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
