Lecture organised on the death anniversary of Dr. Shivanand Nautiyal, remembering his personality and works
डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पोखरी में डॉ. शिवानंद नौटियाल की पुण्यतिथि के अवसर पर एडूसेट कक्ष में एक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर राम अवतार सिंह ने कहा कि डॉ. शिवानंद नौटियाल एक महान विभूति थे, जिनका शिक्षा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान रहा है।
इस अवसर पर नंदा देवी राजजात समिति के सचिव भुवन नौटियाल ने उनके राजनीतिक और शैक्षिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कर्णप्रयाग के विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा के विकास हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए।
महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. वी.आर. अंथवाल ने कहा कि डॉ. नौटियाल एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ लोक संस्कृति के सजग संरक्षक भी थे। उन्होंने अपनी पुस्तकों—गढ़वाल का इतिहास और गढ़वाल की लोक संस्कृति—के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
कार्यक्रम में डॉ. एम.एस. कंडारी, डॉ. आर.सी. भट्ट सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
