श्रद्धा, परम्परा और लोकसंस्कृति का अनूठा संगम, 23 मार्च को होगा मुख्य आयोजन

A unique confluence of faith, tradition and folk culture, the main event will be held on March 23.

 

नौटी में बसन्त ऋतु पर मनाया जा रहा नन्दा देवी का हरियाली पूड़ा मेला

 

चमोली (नौटी)
जनपद चमोली के प्रसिद्ध नन्दाधाम नौटी गांव में बसन्त ऋतु के अवसर पर माँ नन्दा देवी का पारंपरिक हरियाली पूड़ा त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व स्थानीय जनमानस की गहरी आस्था और सदियों पुरानी परम्पराओं का प्रतीक है, जिसमें नन्दा देवी को बहन (ध्याण) मानकर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है।
चैत्र मास की संक्रांति से शुरू होने वाले इस पर्व में गांव के प्रत्येक घर में हरियाली (अंकुरित अनाज) बोकर नौ दिनों तक उसकी पूजा की जाती है। नवें दिन गांव की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर हरियाली पूड़ों को रिंगाल की टोकरी में सजाकर बाजे-गाजे के साथ नन्दा देवी सिद्धपीठ पहुंचती हैं, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पूड़ों को अर्पित किया जाता है।
इस अवसर पर नौटी में भव्य मेले का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकनृत्य और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। श्रद्धालुओं को हरियाली को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार नौटी गांव और चांदपुर क्षेत्र को माँ नन्दा देवी का मायका माना जाता है। यहां के लोग उन्हें अपनी बहन मानते हुए चैत्र मास में ‘कलेऊ’ (भेंट) अर्पित करते हैं। यही परंपरा आगे चलकर विश्व प्रसिद्ध नन्दा देवी राजजात यात्रा का आधार बनी, जिसमें 12 वर्षों में एक बार माँ नन्दा को मायके से कैलाश के लिए विदा किया जाता है।
हरियाली पूड़ा पर्व को प्रकृति और सृजन का प्रतीक भी माना जाता है। अंकुरित बीजों की पूजा के माध्यम से यह पर्व समृद्धि, उन्नति और सुख-शांति की कामना का संदेश देता है।
इस वर्ष हरियाली पूड़ा मेला 15 से 23 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है, जबकि 23 मार्च को मुख्य पूजा एवं मेले का समापन होगा।