गौचर में धूमधाम से मनाया गया आईटीबीपी का स्थापना दिवस, कमांडेंट विनोद सिंह रावत को जवानों ने दी सलामी

आईटीबीपी का स्थापना दिवस

सीमाओं की सुरक्षा और देश की आंतरिक सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) का स्थापना दिवस गौचर स्थित आठवीं वाहिनी के मुख्यालय में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आईटीबीपी के अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बल के गौरवशाली इतिहास, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को याद किया। कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट विनोद सिंह रावत को आईटीबीपी के जवानों ने सलामी दी। कमांडेंट ने अधिकारियों और जवानों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

स्थापना दिवस के अवसर पर कमांडेंट विनोद सिंह रावत ने सभी अधिकारियों और जवानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। भारत-चीन सीमा की दुर्गम परिस्थितियों में निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आईटीबीपी आंतरिक सुरक्षा तथा विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने जवानों के साहस, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में आईटीबीपी के जवानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच भी जवान पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं।

गौचर स्थित आठवीं वाहिनी का मुख्यालय सीमांत क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बल की गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। स्थापना दिवस का यह अवसर जवानों के भीतर राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने और बल की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश देता है।